संगीत नाटक अकादेमी

व्याख्या केन्द्र, वाराणसी

 

माननीय प्रधानमंत्री ने 25 दिसम्बर 2014 को वाराणसी भ्रमण के दौरान अपने भाषण में वाराणसी में कुछ विद्यालय और महाविद्यालय के विकास की आवश्यकता पर ध्यानाकर्षित करते हुए कहा कि वाराणसी की प्रख्यात विभूतियों के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर या वाराणसी विरासत की किसी एक विषयवस्तु के संबंध में और उस चयनित विषयवस्तु पर आधारित कार्यक्रमों का आयोजन किया जाए। वाराणसी में आए पर्यटक ऐसे में अपनी रुचि के अनुसार उसी केन्द्र में जाएगा, इससे वाराणसी के पर्यटन में बढोत्तरी होगी। इन व्याख्या केन्द्रों के माध्यम से छात्रों को न केवल भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की जानकारी होगी अपितु उनके जीवन के कलात्मक पक्ष के साथ-साथ उनके गुरुओं की भांति कला के विस्तार की भी संभावनाएं होगी।

इसी के अनुसरण में संगीत नाटक अकादेमी, नई दिल्ली ने वाराणसी में 25 दिसम्बर से 29 दिसम्बर 2014 तक संस्कृति महोत्सव का भव्य आयोजन किया जिसमें प्रदर्शन कलाओं के क्षेत्र में बनारस की प्रमुख विभूतियों जैसे कि उस्ताद बिस्मिल्लाह खाँ, पंडित रवि शंकर, विदुषी सितारा देवी, पंडित किशन महाराज, महर्षि पतंजलि और भी अन्य विभूतियों के उत्कृष्ट कार्यों का प्रचार-प्रसार कर युवा वर्ग और स्कूली छात्रों के लिए वाराणसी की प्राचीन सांस्कृतिक विरासत को मुख्य रूप से उद्घाटित किया है।

 

संस्कृति मंत्रालय के प्रमुख संस्थानों द्वारा 32 स्कूलों का चयन किया गया। संगीत नाटक अकादेमी ने 5 स्कूलों को अपनाया –

सनातन धर्म इंटर कॉलेज    :     विषय वस्तु - शहनाई विद्वान, उस्ताद बिस्मिल्लाह खाँ 
बंगाली टोला इंटर कॉलेज    :     विषय वस्तु - पण्डित रवि शंकर, सितार विद्वान 
राजकीय हाई स्कूल, करधना  :     विषय वस्तु - सितारा देवी, कथक नृत्य सम्राज्ञी
राजकीय हाई स्कूल, लालपुर  :     विषय वस्तु - पण्डित किशन महाराज, तबला विद्वान

श्री पट्टाविराम शास्त्री वेद मीमांसा
अनुसंधान केन्द्र, हनुमान घाट :     विषय वस्तु - महर्षि पतंजलि एवं योग

व्याख्या केन्द्र, वाराणसी की गतिविधियां

 

छात्रवर्ग से प्रतिभा की खोज: प्रदर्शन कला की प्रख्यात विभूतियों के नाम से सभी कलारूपों को सम्मिलित करना।

  • उस्ताद बिस्मिल्लाह खाँ - सनातन धर्म इण्टर कॉलेज
  • पंडित रवि शंकर - बंगाली टोला इण्टर कॉलेज
  • पंडित किशन महाराज - राजकीय हाई स्कूल, लालपुर
  • विदुषी सितारा देवी - राजकीय हाई स्कूल, करधना
  • महर्षि पतंजलि - श्री पट्टाविराम शास्त्री वेद मीमांसा अनुसंधान केन्द्र, हनुमान घाट

 

अन्य गतिविधियाँ

  • छात्र वर्ग के लिए व्यवसाय संबंधी परामर्श
  • छात्र वर्ग की प्रतिभा के अनुसार शिक्षण कार्यशालाएं
  • प्रख्यात विद्वतजनों के भाषण एवं दृष्टान्त
  • वाद्य निर्माण पर कार्यशालाएं
  • प्रख्यात कलाकारों के जन्म स्थलों का भ्रमण
  • प्रदर्शन कलाओं की प्रख्यात विभूतियों का फिल्मांकन
  • छात्रों को विविध कलाओं के प्रशिक्षक उपलब्ध करवाना
  • ऐतिहासिक और अमूल्य धरोहर स्थलों का भ्रमण
  • बिस्मिल्लाह खाँ केन्द्र में कार्यक्रम प्रस्तुत करने वाले छात्रों को 500 रू. प्रतिमाह की दर से छात्रवृत्ति प्रदान करना
  • उदीयमान और सुयोग्य छात्रों को प्रख्यात गुरुओं से विशिष्ट प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत प्रशिक्षण सुविधा उपलब्ध करवाना
  • आंचलिक सांस्कृतिक दिवसों जैसे संगीत दिवस, योग दिवस, प्रख्यात विभूतियों के जन्मदिवसों पर कलाकारों और विद्वतजनों के बीच परस्पर संवाद आयोजन करना
  • केन्द्र में स्थायी चित्र-वीथिका तैयार करना जैसे कि उस्ताद बिस्मिल्लाह खाँ के नाम पर सांस्कृतिक कार्य के लिए कमरा/स्थान उपलब्ध कराना जिसमें छात्रों के श्रव्य/दृश्य उपकरण रखे जा सकते हैं।
  • प्रदर्शन कलाओं की प्रख्यात विभूतियों पर निबन्ध प्रतियोगिता/अन्य सृजनात्मक गतिविधियों का आयोजन करना एवं नकद ईनाम प्रदान करना।
  • विद्यालय दिवस/व्याख्या दिवस और अन्य आयोजनों के अवसर पर छात्रों द्वारा मंच प्रदर्शन के अवसर उपलब्ध करवाना।