संविधान
1. समिति का नाम “संगीत नाटक अकादेमी होगा”।

2. समिति का पंजीकृत कार्यालय संघ राज्य क्षेत्र दिल्ली के रवीन्द्र भवन, फिरोजशाह रोड, नई दिल्ली में होगा।

3. समिति का गठन जिन उद्देश्यों के लिए किया गया है वे इस प्रकार हैं:
i) संगीत, नृत्य और नाटक की क्षेत्रीय या राज्य अकादमियों की गतिविधियों में समन्वय स्थापित करना।
ii) भारतीय संगीत, नृत्य और नाटक के क्षेत्र में अनुसंधान को बढ़ावा देना तथा इस उद्देश्य के लिए पुस्तकालय और संग्रहालय आदि की स्थापना करना।
iii) इस उद्देश्य को आगे बढ़ाने के लिए तथा समग्र रूप से भारतीय संस्कृति की समृद्धि के लिए इसी तरह की अन्य अकादमियों और अन्य संस्थाओं और संगठनों से सहयोग करना।
iv) विचारों के आदान-प्रदान को प्रोत्साहन देना और संगीत, नृत्य व नाटक जैसी कला के संबंध में विभिन्न क्षेत्रों के बीच तकनीक को समृद्ध बनाना।
v) क्षेत्रीय भाषाओं के आधार पर नाट्य केन्द्रों की स्थापना को प्रोत्साहन देना और विभिन्न नाट्य केन्द्रों के बीच सहयोग करना।
vi) कलाकार के प्रशिक्षण, रंग शिल्प के अध्ययन और नाटक तैयार करने में निर्देश देने सहित नाट्य कला में प्रशिक्षण देने वाली संस्थाओं की स्थापना को प्रोत्साहन देना।
vii) पुरस्कार और सम्मान देकर नयी नाट्य प्रस्तुतियों को प्रोत्साहन देना और उसमें सहायता करना।
viii) भारतीय संगीत, नृत्य और नाटक पर संदर्भ कृतियों जैसे सचित्र् शब्दकोश या तकनीकी शब्दावलियों के हैंडबुक समेत अन्य साहित्य प्रकाशित करना।
ix) प्रमुख रंगमंच संगठनों को मान्यता देना और उनकी सहायता करना।
x) नाटक संबंधी अव्यवसायी (शौकिया) गतिविधियों, बाल रंगमंच, खुला रंगमंच और ग्रामीण रंगमंच विकास के विभिन्न रूपों को प्रोत्साहन देना।
xi) देश के विभिन्न क्षेत्रों में लोक संगीत, लोक नृत्य और लोक नाटक को संरक्षण प्रदान करना और उन्हें पुनर्जीवित करना तथा सामुदायिक संगीत, सामरिक संगीत और अन्य प्रकार के संगीत के विकास को प्रोत्साहन देना।
xii) संगीत, नृत्य और नाट्य उत्सवों, संगोष्ठियों और सम्मेलनों को अखिल भारतीय स्तर पर प्रायोजित करना तथा क्षेत्रीय उत्सवों को प्रोत्साहन देना।
xiii) संगीत, नृत्य और नाटक के क्षेत्र में कलाकारों को उल्लेखनीय उपलब्धियों के लिए पुरस्कार और सम्मान तथा मान्यता प्रदान करना।
xiv) संगीत, नृत्य और नाटक में शिक्षा के पर्याप्त व उपयुक्त स्तर के रख-रखाव के लिए अपेक्षित कदम उठाना और इस उद्देश्य से उक्त विषयों के शिक्षण में अनुसंधान का आयोजन करना।
xv) देश के भिन्न-भिन्न क्षेत्रों के बीच सांस्कृतिक संबंधों को विकसित करना और संगीत, नृत्य व नाटक के क्षेत्र में दूसरे देशों से भी संबंध बनाना।
xvi) धनराशि, प्रतिभूति या संपत्ति के रूप में किसी भी तरह के अनुदान उपयुक्त शर्तों पर स्वीकार करना।
xvii) उपहार, खरीद, विनियम, पट्रटे, किराए या अन्यथा से जैसे भी हो, किसी भी चल या अचल संपत्ति को, जो समिति के प्रयोजन के लिए आवश्यक या सुविधाजनक हो, हासिल करना और ऐसे भवन का निर्माण करना, उन्हें बेहतर बनाना, उनमें परिवर्तन करना या ऐसे भवन को गिराना या उनकी मरम्मत करना तथा सोसाइटी के उद्देश्यों को पूरा करने के लिए आवश्यक निर्माण कार्य एवं निर्माण करना।
xviii) सोसाइटी की चल और अचल संपत्ति या उसके किसी हिस्से को बेचना, पट्रटे पर देना, विनिमय करना, किराए पर देना या अन्य प्रकार से हस्तांतरित करना, बशर्ते अचल संपत्ति के हस्तांतरण के लिए केन्द्र सरकार से पहले ही से लिखित अनुमोदन प्राप्त कर लिया गया हो।
xix) अकादेमी के धन और प्रतिभूतियों, जिसकी आवश्यकता उसकी किसी गतिविधि के लिए तत्काल न हो, का निवेश करना और उससे इस ढंग से लेन-देन करना, जिसका प्रावधान समिति के नियमों और विनियमों में हो, जैसा कि समय-समय पर निर्धारित किया जाए।
xx) चैक, नोट एवं अन्य लिखित सामग्री का समर्थम करना, बनाना, स्वीकार करना, पृष्ठांकन एवं भुनाना।
xxi) अकादेमी के उद्देश्यों को आगे बढ़ाने के लिए निधि हेतु अपील जारी करना और किसी भी धर्मादा, न्यास (ट्रस्ट), निधि या दान का प्रबंध करना जो अकादेमी के उद्देश्यों से असंगत न हो।
xxii) कोई आरक्षित निधि, निक्षेप निधि, बीमा निधि या अन्य विशेष निधि तैयार करना, यह चाहे अकादेमी की किसी संपत्ति या शक्तियों के मूल्यह्रास अथवा मरम्मत, सुधार, विस्तार, रख-रखाव के लिए हो या बेकार परिसंपत्तियों की पुन: प्राप्ति के लिए या किसी अन्य ऐसे उद्देश्य के लिए हो जिसके लिए अकादेमी ऐसी निधि या निधियां बनाने या उसका रखरखाव करना उपयुक्त या व्यावहारिक समझे।
xxiii) भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के 31 मई 1952 के संकल्प के जरिए गठित, संगीत नाटक अकादेमी से उसकी सभी परिसम्पत्तियों, वे चाहे किसी भी प्रकृति की हों, का अधिग्रहण करना। इनमें किताबें, फिल्में, पत्रिकाएँ, फर्नीचर, खाते और उसकी सभी देनदारियाँ शामिल हैं।
xxiv) अकादेमी की संपूर्ण अचल या चल संपत्ति या उसके किसी भाग की प्रतिभूति के साथ अथवा प्रतिभूति के बिना या किसी प्रकार के बंधक, प्रभार अथवा दृष्टिबंधक या गिरवी की प्रतिभूति पर या किसी भी अन्य तरीके से पैसे उधार लेना या जुटाना, बशर्ते इसके लिए केन्द्र सरकार से लिखित में पूर्व अनुमोदन प्राप्त कर लिया गया हो।
xxv) अकादेमी में प्रशासनिक, तकनीकी या लिपिकवर्गीय और अन्य पद सृजित करना तथा अकादेमी के नियमों व विनियमों के अनुसार उनकी नियुक्तियां करना।
xxvi) अकादेमी के मामलों के संचालन के लिए नियम और विनियम तथा उपनियम बनाना और केन्द्र सरकार के अनुमोदन से उन्हें समय-समय पर संशोधित करवाना, विस्तृत करना, बदलना या उन्हे निरस्त करना।
xxvii) अन्य सभी कार्य और चीजें स्वयं या दूसरे संगठनों या व्यक्तियों के साथ मिलकर करना, जैसा अकादेमी की दृष्टि में उपरोक्त उद्देश्यों को हासिल करने के लिए आवश्यक या प्रासंगिक अथवा व्यवहार्य लगे।

4. अकादेमी के प्रथम कार्यकारी बोर्ड, बोर्ड के सदस्यों के नाम, पते ओर व्यवसाय जिन्हें, अकादेमी के नियमों के मुताबिक उसके मामलों का प्रबंध करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है:

नाम पता व्यवसाय
महामहिम महाराज श्री जय चेमाराजा वडियार बहादुर मैसूर महल मैसूर के गवर्नर
टी. एल. वेंकटराम अय्यर 5, सफदरजंग रोड, नई दिल्ली-11 अध्यक्ष, विधि आयोग
एस. एन. मजूमदार 51, गोल्फ लिंक्स, नई दिल्ली-3 औद्योगिक सलाहकार
एन. आर. रे 33, वेस्टर्न कोर्ट, नई दिल्ली-1 सांसद
धर्मवीर वीरा 3, त्याग राज मार्ग, नई दिल्ली-11 भारत सरकार के सचिव
ए. के. घोष 5, पुराना किला रोड, नई दिल्ली-1 भारत सरकार के संयुक्त सचिव
जे. सी. माथुर 12, लिट्रटन लेन, नई दिल्ली-1 भारत सरकार के संयुक्त सचिव
ए. वी. वेंकटेश्वरन 1-ए, सुनहरी बाग रोड, नई दिल्ली-11 भारत सरकार के संयुक्त सचिव



5. अकादेमी की सारी चल और अचल संपत्तियां कार्यकारी बोर्ड के अधीन होंगी।

6. अकादेमी की आय और संपत्ति इस नियमावली में निर्धारित उद्देश्यों को आगे बढ़ाने के लिए लगाई जाएगी बशर्ते यह खर्च उस मद में भारत सरकार द्वारा निर्धारित अनुदान के व्यय की सीमा के तहत और भारत सरकार द्वारा समय-समय पर लागू की जाने वाली सीमा के अनुसार होगा। अकादेमी की आय और संपत्ति का कोई भी हिस्सा प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से लाभांश, बोनस या दूसरे ढंग से ऐसे व्यक्तियों या इनमें से किसी को, इनके जरिए दावा करने वाले किसी व्यक्ति को या ऐसे किसी व्यक्ति को, चुकाया या हस्तांतरित नहीं किया जाएगा जो किसी समय अकादेमी के सदस्य हैं या रहे हैं, बशर्ते यहां जो कुछ भी है उसे विश्वासपात्र सदस्य या दूसरे व्यक्ति को अकादेमी के लिए दी गई सेवा के बदले पारिश्रमिक, यात्र भत्ता, विराम भत्ता और ऐसे ही दूसरे शुल्कों के भुगतान से नहीं रोका जाएगा।

7. अकादेमी के संबंध में माना जाएगा कि उसे भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के 31 मई 1952 के एक संकल्प के जरिए गठित संगीत नाटक अकादेमी के कार्यों की जिम्मेदारी सोसाइटी पंजीकरण अधिनियम 1860 के तहत पंजीकरण की तारीख के प्रभाव से सौंपी गई है।

8. अगर समिति को समाप्त किए जाने या उसके भंग किए जाने पर, उसके सभी बकायों व देनदारियों की भरपाई के बाद कोई भी संपत्ति बचती है तो इसका भुगतान या वितरण सोसाइटी के सदस्यों से या उनमें से किसी एक को नहीं किया जाएगा बल्कि इस मामले का निपटारा 1860 के अधिनियम 21 की धारा 13 और 14 के प्रावधानों के अनुसार किया जाएगा।

9. अकादेमी के नियमों और विनियमों की एक प्रति जो कार्यकारी बोर्ड के तीन सदस्यों द्वारा सही प्रमाणित की गई है, ज्वायंट स्टॉक कंपनी रजिस्ट्रार, नई दिल्ली के पास ज्ञापन की एक प्रति के साथ जमा करायी गई है।


नियम और विनियम

1. संक्षिप्त शीर्षक
इन नियमों और अधिनियमों को संगीत नाटक अकादेमी के नियम और अधिनियम कहा जाएगा।

2. संगीत नाटक अकादेमी भारतीय संगीत, नृत्य और नाटक की राष्ट्रीय अकादेमी होगी।

3. परिभाषाएं
इन नियमों ओर अधिनियमों में, जब तक संदर्भ के अनुसार अन्यथा अपेक्षित न हो,
I. "अकादेमी" का अभिप्राय संगीत नाटक अकादेमी होगा।
ii. "महापरिषद" का अभिप्राय संगीत नाटक अकादेमी का गठन करने वाले सदस्यों का पूरा निकाय होगा।
iii. "बोर्ड" का अभिप्राय कार्यकारी (एक्ज़ीक्यूटिव) बोर्ड होगा जिसका इन नियमों के तहत गठन किया गया हो।
जो शब्द सिर्फ एकवचन का बोध कराते हैं उनका मतलब बहुवचन और बहुवचन का बोध कराने वाला शब्द एकवचन हो सकता है।
पुल्लिंग अर्थ देने वाले शब्द में स्त्रीलिंग अर्थ भी शामिल हैं।

4. अकादेमी के सदस्य
अकादेमी के निम्नलिखित सदस्य (इसके बाद इन्हें सामूहिक तौर पर "जनरल कौंसिल" कहा गया है) होंगे:-
i) अध्यक्ष, भारत के राष्ट्रपति द्वारा नियुक्त किए जाएंगे।
ii) वित्त सलाहकार, भारत सरकार द्वारा नियुक्त किए जाएंगे।
iii) भारत सरकार द्वारा नामांकित पांच व्यक्ति।
iv) भारत के संविधान में उल्लिखित राज्यों या केन्द्र शासित प्रदेशों से कला के क्षेत्र में एक ख्यातिप्राप्त कलाकार को राज्य अकादमियों या उनकी समकक्ष संस्थाओं के साथ विचार-विमर्श कर नामांकित किया जायेगा।
v) भारत सरकार द्वारा नामांकित पर्यटन एवं संस्कृति मंत्रालय का एक प्रतिनिधि।
vi) भारत सरकार द्वारा नामांकित सूचना और प्रसारण मंत्रालय का एक प्रतिनिधि।
vii) साहित्य अकादेमी और ललित कला अकादेमी प्रत्येक से दो प्रतिनिधि और राष्ट्रीय नाट्रय विद्यालय तथा भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद्, नई दिल्ली में से एक प्रतिनिधि।
viii) ऊपर क्रम संख्या एक से सात तक में उल्लिखित सदस्यों द्वारा अकादेमी द्वारा मान्यता प्राप्त संगीत, नृत्य और नाटक के क्षेत्र में कार्यरत संगठनों की सलाह से अकादेमी के बनाए गए नियम के अनुसार 12 व्यक्तियों, को जहां भी संभव हो प्रतिनिधित्व करने के लिए सुनिश्चित किया जा सके:
क) हिन्दुस्तानी संगीत का पर्याप्त ज्ञान रखने वाले कम से कम दो व्यक्ति
ख) कर्नाटक संगीत का पर्याप्त ज्ञान रखने वाले कम से कम दो व्यक्ति
ग) नृत्य का पर्याप्त ज्ञान रखने वाले कम से कम दो व्यक्ति
घ) नाटक का पर्याप्त ज्ञान रखने वाले कम से कम दो व्यक्ति
ix) उपरोक्त 1 से 7 में उल्लिखित सदस्यों द्वारा सहयोजित भारत के विभिन्न क्षेत्रों से संगीत, नृत्य और नाटक के क्षेत्र में अपनी निजी क्षमता के आधार पर आठ विशिष्ट व्यक्ति। महापरिषद नामांकित/नियुक्त सदस्यों की पहली बैठक के लिए निर्धारित तारीख से पांच वर्षों तक चलेगी और ऐसे पांच वर्ष बीत जाने का मतलब होगा जनरल कौंसिल का भंग कर दिया जाना।

5. सदस्यों की नामावली
अकादेमी सदस्यों की एक नामावली रखेगी जिसमें इनके पते और व्यवसाय लिखे रहेंगे ओर प्रत्येक सदस्य इस पर हस्ताक्षर करेगा। अगर अकादेमी का कोई सदस्य अपना पता बदलता है तो वह अपना नया पता सचिव को सूचित करेगा जो सदस्य का नया पता नामावली में दर्ज करेंगे। अगर सदस्य अपना नया पता सूचित करने में असफल रहते हैं तो सदस्यों की नामावली में लिखा पता ही उनका पता माना जाएगा।

6. अकादेमी के अधिकारी
अकादेमी के निम्नलिखित अधिकारी होंगे
i. अध्यक्ष
ii. उपाध्यक्ष
iii. वित्तीय सलाहकार और
iv. सचिव

7. अध्यक्ष
i. अध्यक्ष की नियुक्ति भारत के राष्ट्रपति द्वारा की जाएगी और उनका कार्यकाल पांच वर्ष का होगा।
ii. अगर परिस्थितिवश अपेक्षित हो तो अध्यक्ष को महापरिषद या कार्यकारी बोर्ड की ओर से निर्णय लेने की शक्ति होगी बशर्ते अध्यक्ष द्वारा लिए गए फैसले की अगली बैठक में महापरिषद या कार्यकारी बोर्ड द्वारा, जैसा भी मामला हो, पुष्टि करायी जाए।
iii. आवश्यकता पड़ने पर अध्यक्ष अपना कार्यभार उपाध्यक्ष या सचिव को सौंप सकते हैं।

8. उपाध्यक्ष
उपाध्यक्ष का चुनाव अकादेमी की महापरिषद द्वारा इसके सदस्यों में से किया जाएगा ओर वे पांच साल के लिए पद पर रहेंगे। परंतु पहले उपाध्यक्ष की नियुक्ति भारत सरकार द्वारा की जाएगी।
किसी कारण से अध्यक्ष की अनुपस्थिति में उपाध्यक्ष, अध्यक्ष के सभी कार्य करेंगे और शक्तियों का इस्तेमाल करेंगे।

9. वित्तीय सलाहकार
वित्तीय सलाहकार की नियुक्ति भारत सरकार द्वारा की जाएगी और वे सरकार की इच्छा तक इस पद पर बने रहेंगे। वित्तीय सलाहकार, आमतौर पर अकादेमी को उसकी संपत्तियों के प्रबंधन और निवेश से संबंधित मामलों में सलाह देने के साथ आवंटित निधि के उद्देश्यों के अनुसार वार्षिक आय और व्यय का अनुमान व विवरण तैयार करने में सलाह देंगे।
अकादेमी का कुशल वित्तीय प्रबन्धन सुनिश्चित करने के लिए वित्तीय सलाहकार की निम्नलिखित शक्तियां और कार्य होंगे
क) सचिव द्वारा बनाए गए अकादेमी के बजट की जांच और परीक्षण करना
ख) नए व्यय के सभी प्रस्तावों पर विचार करना
ग) लेखा परीक्षा रिपोर्ट पर विचार करना
घ) समय-समय पर अकादेमी के वित्त को संशोधित करना
ड।) अकादेमी को प्रभावित करने वाले किसी भी वित्तीय मामले में स्वयं पहल करना या सचिव अथवा अकादेमी के किसी भी निकाय के कहने पर सलाह देना

10. सचिव
i. अकादेमी के सचिव प्रमुख कार्यकारी अधिकारी होंगे और उनकी नियुक्ति कार्यकारी बोर्ड द्वारा की जाएगी। यह नियुक्ति कितनी अवधि तथा किन शर्तों पर होगी इसका निर्धारण कार्यकारी बोर्ड करेगा।
ii. सचिव महापरिषद, कार्यकारी बोर्ड, वित्त समिति ओर अन्य सभी समितियों के पदेन सचिव होंगे जिनकी स्थापना अध्यक्ष, महापरिषद या कार्यकारी बोर्ड द्वारा की जाएगी पर वे इनमें से किसी के भी सदस्य नहीं माने जाएंगे।
iii. सचिव का कर्तव्य होगा कि वे-
क) अकादेमी के रिकार्ड एवं उन सभी संपत्तियों की अभिरक्षा करना जिसका जिम्मा कार्यकारी बोर्ड उन्हे देगा।
ख) अकादेमी के प्राधिकारियों की ओर से शासकीय पत्रचार करना।
ग) अकादेमी के प्राधिकारियों और इन प्राधिकारियों द्वारा गठित सभी समितियों की बैठकों के लिए सभी प्रकार की सूचनाएं जारी करना।
घ) अकादेमी के सभी प्राधिकारियों और इन प्राधिकारियों में से किसी के भी द्वारा गठित सभी समितियों की बैठकों का लिखित ब्योरा रखना।
ङ) अकादेमी के लेखाओं का हिसाब-किताब रखना।
च) कार्यकारी बोर्ड के नियंत्रण के अधीन अकादेमी की संपत्तियों और निवेशों का प्रबंध करना/ वार्षिक अनुमान एवं लेखा विवरण तैयार करने एवं उन्हें कार्यकारी बोर्ड एवं महापरिषद के समक्ष प्रस्तुत करने के प्रति उत्तरदायी रहना।
छ) कार्यकारी बोर्ड की शक्तियों के अधीन यह देखने के लिए उत्तरदायी रहना कि सभी धनराशियाँ अपने सही उद्देश्यों यानी जिनके लिए उनका आवंटन किया गया है या मंजूरी दी गई है, के लिए खर्च की जाएं।
ज) अकादेमी की ओर से किए गए सभी अनुबंधों एवं दिए गए संपत्ति संबंधी आश्वासनों पर कार्यकारी बोर्ड की मंजूरी के बाद दस्तखत करना।
झ) कार्यकारी बोर्ड या महापरिषद द्वारा उन्हें प्रदत्त ऐसी अन्य शक्तियों का उपयोग करना।
iv. सचिव या इस सम्बन्ध में कार्य के लिए कार्यकारी बोर्ड द्वारा अधिकृत व्यक्ति की रसीद अकादेमी को किए गए किसी भी भुगतान के लिए पर्याप्त होगी।

11. अकादेमी के अधिकार
अकादेमी के निम्नलिखित अधिकार होंगे :-
1. महापरिषद
2. कार्यकारी बोर्ड
3. वित्त समिति
4. कोई भी स्थायी समिति या समितियां या उप समितियां जिसकी स्थापना अध्यक्ष, महापरिषद या  कार्यकारी बोर्ड द्वारा उसके किसी एक या ज्यादा कार्यों को पूर्ण करने के लिए की गई हो।

12. महापरिषद
क) महापरिषद की निम्नलिखित शक्तियां और कार्य होंगे
i. अपने सदस्यों में से उपाध्यक्ष का चुनाव करना
ii. अनुच्छेद 14 (5) के अनुसार कार्यकारी बोर्ड के सदस्यों का चुनाव
iii. अनुच्छेद 16 (iii) के अनुसार वित्त समिति के सदस्यों का चुनाव करना
iv. कार्यकारी बोर्ड द्वारा तैयार किए गए अकादेमी के वार्षिक बजट का अनुमोदन करना
v. लेखा परीक्षकों को नामित करना
vi. उपस्थित और मतदान करने वाले सदस्यों के कम से कम तीन चौथाई बहुमत से संगीत, नृत्य और नाटक के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रतिभा वाले कलाकारों या ऐसे व्यक्तियों का चुनाव करना जिन्होंने संगीत, नृत्य और नाटक के लिए अपनी छात्रवृत्ति, अनुसंधान या मौलिक कार्य के योगदान के द्वारा रत्न सदस्य के रूप में उल्लेखनीय काम किए हैं। बशर्तें कार्यकारी बोर्ड ने चुनाव के लिए उनकी सिफारिश की हो और ऐसे सदस्यों की संख्या 30 से ज्यादा न हो।
vii. उपस्थित और मतदान करने वाले सदस्यों के कम से कम तीन चौथाई बहुमत से अकादेमी के भारतीय संगीत, नृत्य या नाटक के क्षेत्र में विशिष्ट सेवा कर चुके व्यक्तियों का एसोसिएट फैलो के तौर पर चुनाव करना बशर्ते कि किसी भी समय इनकी संख्या 60 से अधिक न हो ओर कार्यकारी बोर्ड ने उनके चुनाव की संस्तुति की हो।
viii. देश के महत्वपूर्ण नृत्य, नाटक और संगीत संगठनों पर विचार करना, जिन्हें मान्यता दी जानी है
ix.कार्यकारी बोर्ड द्वारा प्रस्तावित कार्यक्रमों और विशिष्ट परियोजनाओं पर विचार करना और उन्हें मंजूरी देना
X. अकादेमी के विनियम, उप-नियम एवं प्रक्रिया नियम को बनाना
xi. इन नियमों के प्रावधानों के अनुसार,
क) संगठन के रख-रखाव और अकादेमी के कार्य निष्पादन के लिए आवश्यक सभी कार्य करना।
ख) अपने कार्यों के निर्वहन में महापरिषद नीतिगत सवालों पर ऐसे दिशा निर्देशों से निर्देशित होगा जो इसे केन्द्र सरकार द्वारा दिए जाएंगे। सवाल नीति का है या नहीं इस मामले में केन्द्र सरकार का निर्णय अंतिम होगा।

13. कार्यकारी बोर्ड
अकादेमी का सामान्य संचालन, निर्देशन और मामलों पर नियंत्रण की शक्ति कार्यकारी बोर्ड में निहित होगी जो अकादेमी की शासी निकाय होगी।

14. संस्था के पंजीकरण की तारीख में अकादेमी के कार्यकारी बोर्ड में 1860 के अधिनियम 21 के तहत प्रयोजनों के लिए वही सदस्य होंगे जिनके नाम ज्ञापन के खंड 4 में लिखे हैं। इसके बाद जितनी जल्दी जैसे ही आवश्यक चुनाव, नियुक्तियां ओर नामांकन आदि हों तो उसमें निम्न लोग शामिल होंगे:-
i. अध्यक्ष
ii. उपाध्यक्ष
iii. वित्तीय सलाहकार
iv. महापरिषद में मनोनीत भारत सरकार द्वारा नामांकित दो सदस्य और शिक्षा मंत्रालय का प्रतिनिधि
v. सदस्यों में से महापरिषद द्वारा चुने जाने वाले ग्यारह व्यक्ति बशर्ते यदि कार्यकारी बोर्ड का कोई सदस्य महापरिषद का सदस्य नहीं रहता है तो कार्यकारी बोर्ड से उसकी सदस्यता स्वत: समाप्त मानी जाएगी।

15. कार्यकारी बोर्ड के अधिकार तथा कार्य इस प्रकार होंगे:
i. महापरिषद के नीतिगत निर्देशों के अनुसार अकादेमी की कार्यकारी शक्तियों का प्रयोग करना
ii. अकादेमी और उसके कार्यालय के कार्यों की निगरानी करने और उस पर नियंत्र्ण करने के लिए जिम्मेदार होना
iii. अकादेमी के कार्यक्रम तैयार करना और उस पर विचार करना तथा महापरिषद के विचारार्थ व अनुमोदन के लिए विशेष परियोजनाएं तैयार करना
iv. वित्त समिति द्वारा निर्धारित वित्तीय सीमाओं के अधीन रहते हुए अकादेमी का वार्षिक बजट बनाना और उसे महापरिषद के अनुमोदन के लिए प्रस्तुत करना
v. महापरिषद के विचारार्थ अकादेमी की वार्षिक रिपोर्ट और लेखा तैयार करना
vi. अकादेमी के रत्नसदस्यों और सह रत्नसदस्यों के चुनाव के लिए नामों पर विचार करना और महापरिषद को उनका प्रस्ताव करना
vii. महापरिषद के अनुमोदन पर ऐसे पदों की स्थापना पर व्यय करना जिसे वह अकादेमी के सुचारू रूप से संचालन के लिए आवश्यक समझे और इन पदों पर नियुक्ति के लिए नियम व शर्तें निर्धारित करना बशर्ते भारत सरकार के अनुमोदन से सिर्फ वही पद सृजित किए जाएं और उन पदों पर नियुक्ति की जाय जिसमें अधिकतम वेतन 2000 रुपये प्रति माह हो
viii. समय-समय पर निर्धारित नियमों और महापरिषद के नीतिगत निर्देशों के तहत अनुमोदित बजट का प्रावधान करना
ix. अकादेमी के सचिव ओर अन्य कर्मचारियों की नियुक्ति करना सिर्फ उन्हें छोड़कर जिन्हें नियुक्ति करने की शक्ति सचिव को सौंपी गयी है।
x. संगीत, नृत्य और नाटक के क्षेत्र में काम करने वाले उन महत्वपूर्ण संगठनों व संस्थानों के नामों पर विचार करना तथा उनके नाम का प्रस्ताव महापरिषद के सामने रखना जो अपने प्रामाणिक स्वरूप और इन कलाओं में से किसी को भी बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण योगदान देने के नाते अकादेमी द्वारा मान्यता दिए जाने योग्य हैं
xi. बजट की सीमा और महापरिषद के नीतिगत निर्देशों, अगर कोई हो, के तहत सांस्कृतिक संगठनों और नृत्य, नाटक व संगीत के क्षेत्र के संस्थानों को वित्तीय व अन्य सहायता देना
xii. राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलनों तथा संगठनों में अकादेमी का प्रतिनिधित्व करने के लिए किसी एक व्यक्ति या व्यक्तियों का नामांकन करना
xiii. अकादेमी के नियंत्रण वाले सभी पदों के बारे में सेवा के नियमों और शर्तों को निर्धारित करना
xiv. धारा 16 (4) के अनुसार वित्त समिति में एक प्रतिनिधि चुनना और
xv. इन नियमों और विनियमों के उपबन्धों के अधीन अकादेमी से जुड़े मामलों के उपयुक्त प्रबंध के लिए उसकी राय में जो भी जरूरी हो वो कार्रवाई करना

16. वित्त समिति
वित्त समिति में निम्नलिखित सदस्य रहेंगे
i. वित्तीय सलाहकार, जो समिति के अध्यक्ष होंगे
ii. महापरिषद में केन्द्र सरकार के नामित सदस्यों में से एक नामित सदस्य
iii. महापरिषद के दो प्रतिनिधि जिनका चुनाव परिषद के सदस्यों में से किया जाएगा, और
iv. कार्यकारी बोर्ड का एक प्रतिनिधि जो बोर्ड द्वारा अन्य सदस्यों में से चुना जाएगा

17. वित्त समिति अकादेमी के बजट अनुमानों पर विचार करेगी। कार्यकारी बोर्ड को इससे संबंधित सिफारिशें करेगी और एक वित्त वर्ष के अंदर कुल व्यय की सीमा निर्धारित करेगी

18. महापरिषद और कार्यकारी बोर्ड की बैठकें
अकादेमी की महापरिषद की बैठक आम तौर पर वर्ष में एक बार उस स्थान और तारीख को होगी जिसका निर्धारण अध्यक्ष करेंगे। इसके अलावा, कार्यकारी बोर्ड या अध्यक्ष किसी भी समय महापरिषद की विशेष बैठक बुला सकते हैं। ऐसा वे अपनी पहल पर कर सकते हैं या फिर महापरिषद के कम से कम दो तिहाई सदस्यों के आग्रह पर

19. अकादेमी की महापरिषद की किसी भी बैठक में अकादेमी के दस सदस्य कोरम पूरा करेंगे

20. सदस्यों के बीच मतभेद की स्थिति में बहुमत की राय मान्य होगी

21. अध्यक्ष समेत अकादेमी के प्रत्येक सदस्य को एक मत देना होगा और अगर अकादेमी द्वारा विचाराधीन किसी प्रश्न पर बराबर मत पड़ते हैं तो ऐसी स्थिति में अध्यक्ष को निर्णायक मत देने का अधिकार होगा जिसका वे प्रयोग कर सकते हैं

22. अकादेमी की महापरिषद की बैठक की अध्यक्षता, अध्यक्ष और उनकी अनुपस्थिति में उपाध्यक्ष तथा दोनों की अनुपस्थिति में उस मौके पर मौजूद सदस्यों द्वारा चुने गए एक सदस्य द्वारा की जाएगी

23. कार्यकारी बोर्ड की बैठक अध्यक्ष द्वारा निर्धारित तिथि और स्थान पर सामान्यतया प्रत्येक छह महीने में कम से कम एक बार होगी। ऐसी बैठक के लिए 15 दिन का नोटिस दिया जाएगा

24. बोर्ड के चार मौजूद सदस्य बोर्ड की किसी भी बैठक में कोरम पूरा करेंगे। बोर्ड के सदस्यों के बीच मतभेद की स्थिति में बहुमत की राय मानी जाएगी

25. अध्यक्ष समेत बोर्ड के प्रत्येक सदस्य का एक वोट होगा और अगर बोर्ड द्वारा तय किए जाने वाले किसी प्रश्न पर बराबर वोट पड़ें तो ऐसी स्थिति में अध्यक्ष को एक अतिरिक्त निर्णायक वोट देने का अधिकार होगा जिसका वे प्रयोग कर सकते हैं

26. बोर्ड की प्रत्येक बैठक की अध्यक्षता अध्यक्ष और उनकी अनुपस्थिति में उपाध्यक्ष तथा दोनों की अनुपस्थिति में उपस्थित सदस्यों द्वारा चुने गए सदस्य द्वारा की जाएगी

27. भारत सरकार द्वारा पदेन नामांकित अकादेमी का कोई सदस्य अगर अकादेमी या कार्यकारी बोर्ड की किसी बैठक में न शामिल हो सके तो वह अकादेमी या बोर्ड में से जिसकी भी बैठक हो, में अपने स्थान पर किसी प्रतिनिधि को नियुक्त और अधिकृत करने के लिए स्वतंत्र है तथा ऐसे प्रतिनिधि को सिर्फ इस बैठक के लिए अकादेमी या बोर्ड के सदस्य के सभी अधिकार और विशेषाधिकार प्राप्त होंगे

28. रिक्तियां
अगर अकादेमी का कोई सदस्य पदाधिकारी की हैसियत से नियुक्त या नामांकित किया गया है तो उसके उस पद पर न रहने पर उसकी सदस्यता समाप्त मानी जायेगी।

29. अकादेमी के सदस्य का अगर निधन हो जाए, वह इस्तीफा दे दे, उसकी मानसिक स्थिति ठीक न हो, उसे दिवालिया घोषित कर दिया जाए, नैतिक भ्रष्टाचार या किसी आपराधिक मामले में उसका दोष सिद्ध पाया जाए या वह अकादेमी के कर्मचारी के रूप में पूर्णकालिक नियुक्ति स्वीकार कर ले या अध्यक्ष की अनुमति के बगैर अकादेमी की तीन लगातार बैठकों में हिस्सा लेने में नाकाम रहे तो उसकी सदस्यता समाप्त मानी जाएगी।
कार्यकारी बोर्ड या वित्त समिति या अकादेमी की अन्य कोई समिति का सदस्य यदि अध्यक्ष की अनुमति के बगैर अकादेमी की तीन लगातार बैठकों में हिस्सा लेने में असमर्थ हो तो उसकी सदस्यता समाप्त मानी जाएगी।

30. अध्यक्ष भारत सरकार को संबोधित पत्र के जरिए अपने पद से इस्तीफा दे सकते हैं और उनका इस्तीफा उस दिन से प्रभावी होगा जिस दिन सरकार इसे स्वीकार करेगी।

31. पदेन सदस्यों समेत अकादेमी का कोई भी सदस्य अध्यक्ष को संबोद्दित पत्र के जरिए अपने पद से इस्तीफा दे सकता है और यह इस्तीफा अध्यक्ष द्वारा मंजूर किए जाने की तारीख से प्रभावी होगा।

32. महापरिषद में नियम 4 (8) के तहत सहयोजित किए गए 12 व्यक्तियों के समूह या नियम 4 (9) के तहत सहयोजित किए गए आठ प्रमुख व्यक्तियों के समूह में कोई भी रिक्ति कार्यकारी बोर्ड द्वारा संबंधित समूह के बाकी सदस्यों की सलाह से भरी जाए और इसकी रिपोर्ट महापरिषद की अगली बैठक में दी जाए। महापरिषद में कोई भी अन्य रिक्ति, नियुक्ति या नामांकन संबंधित अधिकारी द्वारा नियुक्ति/ नामांकन के जरिए भरी जाएगी। इस तरह नियुक्त, नामांकित या सहयोजित सदस्य का कार्यकाल और पद महापरिषद के कार्यकाल की शेष अवधि तक ही रहेगा।

33. कार्यकारी बोर्ड या वित्त समिति या महापरिषद द्वारा चुने गए सदस्यों के समूह में कोई भी रिक्ति कार्यकारी बोर्ड के बाकी सदस्यों द्वारा महापरिषद के सदस्यों में से, चुनाव के द्वारा भरी जा सकती है। कार्यकारी बोर्ड या वित्त समिति की किसी अन्य रिक्ति को ऐसी नियुक्ति, नामांकन या चुनाव के लिए अधिकृत अधिकारी द्वारा नियुक्ति, नामांकन या चुनाव के जरिए भरा जाएगा। इस तरह नियुक्त, नामांकित या चुने गए सदस्य का पद एवं कार्यकाल सिर्फ उस सदस्य के कार्यकाल की शेष अवधि तक होगा जिसके स्थान पर उसकी नियुक्ति, उसका नामांकन या चुनाव किया जाएगा।

34. अकादेमी के महापरिषद या कार्यकारी बोर्ड में किसी रिक्ति या नियुक्ति सहयोजन या किसी सदस्य के चुनाव में किसी त्रुटि के बावजूद कार्य करेगा तथा महापरिषद या कार्यकारी बोर्ड की किसी कार्रवाई या कार्यवाही को महज इसलिए अवैध या बेअसर नहीं बनाया जाएगा कि उसमें कोई रिक्ति है या किसी सदस्य की नियुक्ति, नामांकन, सहयोजन या चुनाव में कोई त्रुटि है।

35. विविध
महापरिषद या कार्यकारी बोर्ड के लिए जो कोई भी कार्य निष्पादित करना आवश्यक हो वह इसके सभी सदस्यों के बीच इसके प्रसार के द्वारा किया जाए और इस तरह प्रसारित तथा बहुमत द्वारा अनुमोदित कोई भी विचार वैसे ही प्रभावी और बाध्यकारी होगा जैसा अकादेमी या बोर्ड की बैठक में ऐसा प्रस्ताव पारित होने पर होता है।

36. कार्यकारी बोर्ड विचार करके ऐसे उद्देश्यों और ऐसी शक्ति से सम्पन्न उप समितियां गठित कर सकता है जो वह सहयोजन की शक्ति के साथ-साथ उपयुक्त समझे, बशर्ते आपात स्थिति में ऐसी समितियों के गठन की शक्ति अध्यक्ष को रहेगी।

37. बोर्ड अकादेमी के काम-काज के लिए प्रस्ताव के जरिए अपनी ऐसी शक्तियों को, समिति या अध्यक्ष को प्रत्या

योजित कर सकता है जो वह उपयुक्त समझे बशर्ते कि किसी भी समिति या अध्यक्ष द्वारा इस नियम के अनुसार प्रत्यायोजित शक्ति के तहत की गई कार्रवाई को पुष्टि के लिए बोर्ड की अगली बैठक में रखा जाएगा।

38. अकादेमी उपयुक्त लेखा तैयार करेगी और हर साल वित्त वर्ष समाप्त होने के बाद छह महीने के अंदर केन्द्र सरकार को पिछले साल के दौरान अकादेमी के कार्यों से संबंधित रिपोर्ट केन्द्र सरकार को सौंपेगी तथा इसके साथ लेखाओं की लेखा परीक्षा किए गए लेखा विवरण को भी दिया जाएगा जिसमें पिछले साल के आय-व्यय का ब्यौरा रहेगा ताकि सरकार इसे संसद के दोनों सदनों के समक्ष प्रस्तुत कर सके।

39. कार्यकारी बोर्ड या अकादेमी के किसी अन्य प्राधिकारी द्वारा बनाया गया कोई भी नियम या लिया गया निर्णय महापरिषद द्वारा संशोधित या खारिज किया जा सकता है।

40. कार्यकारी बोर्ड को महापरिषद , कार्यकारी बोर्ड, वित्त समिति और उपरोक्त नियमों के तहत गठित विभिन्न समितियों की बैठकों की प्रक्रियाओं के लिए उप-नियम बनाने की शक्ति होगी।

41.
i. सोसाइटी पंजीकरण अधिनियम 1860 के उपबंधों के अंतर्गत, और भारत सरकार के पूर्व अनुमोदन से महापरिषद अकादेमी की स्थापना के किसी उद्देश्य या उद्देश्यों को बदल सकती है, उसका विस्तार कर सकती है या कम कर सकती है।
ii. भारत सरकार के अनुमोदन से महापरिषद उपस्थित और मतदान करने वाले तीन चौथाई सदस्यों द्वारा पारित प्रस्ताव को महापरिषद की बैठक में, सदस्यों को ऐसे प्रस्ताव की उपयुक्त सूचना देने के बाद लाया जाएगा। परिषद मतदान के द्वारा किसी भी समय अकादेमी के नियमों और विनियमों को बदल सकती है।

42. कार्यकारी बोर्ड एक मुहर उपलब्ध कराएगा और इसकी सुरक्षा का प्रावधान भी करेगा तथा इस मुहर का कभी भी पहले बताए गए कार्यकारी बोर्ड के प्राधिकार के बगैर उपयोग नहीं किया जाएगा तथा कार्यकारी बोर्ड का एक सदस्य उन सभी प्रपत्रों पर हस्ताक्षर करेगा जिस पर मुहर लागई जाएगी और ऐसे सभी प्रपत्रों पर सचिव द्वारा या इस काम के लिए कार्यकारी बोर्ड द्वारा नियुक्त व्यक्ति द्वारा प्रतिहस्ताक्षर किया जाएगा।

43. सोसाइटी पंजीकरण अधिनियम 1860 की धारा 6 के उद्देश्य के तहत जिस व्यक्ति के नाम पर अकादेमी मुकदमा कर सकेगी या जिसके नाम पर उसके खिलाफ मुकदमा किया जा सकेगा, वह अकादेमी का सचिव होगा।

44. भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के दिनांक 31 मई 1952 के संकल्प के जरिए, गठित संगीत नाटक अकादेमी के पंजीकरण से पहले नियुक्त सचिव, अधिकारियों और कर्मचारी सदस्यों को अकादेमी द्वारा उनके संबंधित पदों पर अकादेमी के पंजीकरण के बाद से नियुक्त माना जाएगा और यह उन्हीं नियमों व शर्तों के अनुसार होगा जिसके तहत वे मूलत: संगीत नाटक अकादेमी में नियुक्त किए गए थे और वे उन वेतन वृद्धियों (अगर कोई हो) के हकदार होंगे जिनके हकदार वे उपरोक्त संकल्प के जरिए गठित संगीत नाटक अकादेमी के रोजगार में रहने पर होते।

संगीत नाटक अकादेमी, 1860 के सोसाइटी पंजीकरण अधिनियम 21 के अंतर्गत 1961-62 के संख्या एस 1849 के तहत पंजीकृत है।